Sunday, April 5, 2026

मुझे इश्क़ है तुमसे …..

प्रिय पाठकगण, 

प्रस्तुत कविता मैंने 30/03/2026 के दिन लिखी थी। आप जैसे जैसे इस कविता को पढ़ेंगे, वैसे वैसे आपको इसे लिखने के पीछे का कारण समझ आ जाएगा। आशा करती हूँ कि आपको मेरी यह रचना भी पसंद आएगी। धन्यवाद 🙏🏻। 



जब भी आती हो, अपना दीवाना बनाती हो, क़सम से; 

कभी अचानक दिख जाना

कभी इंतज़ार करने पर भी ना आना 

तुम्हारी ये अदा भी पसंद है दिल से। 


जान ही निकाल देती हो;

अपनी मद्धम, कभी तीव्र चाल से। 

कैसा महसूस होता है तब

पूछो ना मेरा हाल रे। 


वो सौंधी खुशबू और चंचल हवा;

चलती है जब साथ तुम्हारे

कैसे रोकूँ ख़ुद को मिलने से

के दिल नहीं रहता बस में मेरे। 


लो, आज क़ुबूल करती हूँ; 

कि मुझे इश्क़ है तुमसे 

और तुम्हारे हर एक नाम से 

वर्षा, बरखा, वृष्टि, बारिश

पुकारूँ चाहे जिस नाम से। 


meना

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