Tuesday, March 10, 2026

ख़ुशी

देखी, पर दिखी नहीं 

ढूंढी, पर मिली नहीं 

ख़ुशी, जो औरों की आँखों में देखनी चाही।


पर जब स्वयं पे निवेश किया

ख़ुद पे खर्च किया, वक्त

तब मिल गई ख़ुशी

जो भीतर थी मेरे 

जहाँ से वह कभी गई ही नहीं। 


meना

4 comments:

  1. Kya baat hai 👌

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  2. अरूणा आगरकरMarch 10, 2026 at 4:10 PM

    बहोत खूब.खुशी तो अपने केंद्रही होती है.आपने ढूंढ ली.बढिया.👌👌🙏

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  3. Very beautiful lines on खुशी....
    Very inspiring
    I appreciate 🙏 💛

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