Hindi Poems... more feelings than words.....
देखी, पर दिखी नहीं
ढूंढी, पर मिली नहीं
ख़ुशी, जो औरों की आँखों में देखनी चाही।
पर जब स्वयं पे निवेश किया
ख़ुद पे खर्च किया, वक्त
तब मिल गई ख़ुशी
जो भीतर थी मेरे
जहाँ से वह कभी गई ही नहीं।
meना