Saturday, February 7, 2026

समर्पण

07/02/2026 


ज़िंदगी की नाव 🚣 हर बार सरल नहीं चलती 

कई बार, मनचाही मंज़िल नहीं मिलती। 

आसान नहीं होता तूफानों में डटे रहना 

के तूफानों से जीत सबको नहीं मिलती। 


तूफ़ान, परीक्षा हैं हमारे धैर्य और समर्पण की

सौंपना पड़ता है तब ख़ुद को उस तिनके की तरह

जिसे नदी के बहाव का सहारा है 

और भरोसा है कि नदी उसे डूबने नहीं देगी। 


meना